गिलोय के फायदे, नुकसान और सेवन की विधि

आयुर्वेद ने हमें कई ऐसी जड़ी-बूटियां दी हैं जिनसे हम कई शारीरिक बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। ऐसे ही एक गुणकारी जड़ी-बूटी है गिलोय। गिलोय पाउडर के भी अपने अनेक फायदे हैं जिन्हें देखते हुए हाल के कुछ सालों में गिलोय के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है। अब लोग गिलोय की बेल को अपने घरों में भी लगाने लगे हैं। अधिकांश लोग गिलोय की पहचान ठीक से नहीं कर पाते तो आपको बता दें कि गिलोय की पहचान करना आसान है। इसकी पत्तियों का आकार पान के पत्तों जैसा होता है और उनका रंग गाढ़ा हरा होता है। आज इस लेख में हम गिलोय के फायदे, गिलोय के नुकसान और गिलोय सेवन विधि के बारे में जानेंगे।

 

Giloy Benefits

 

गिलोय को गुडुची, अमृता आदि नामों से भी जाना जाता है। गिलोय एक बेल है जो मुख्य रूप से जंगल और खेतों की मेड़ों और पहाड़ों की चट्टानों पर पाई जाती है। गिलोय की बेल जिस पेड़ पर चढ़ती है उसके गुणों को भी अपने अंदर समाहित कर लेती है इसलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय की बेल औषधि के लिहाज से सबसे ज्यादा सर्वोत्तम मानी जाती है। इसे नीम गिलोय भी कहते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है। इसका तना हरा होता है और रस्सी जैसा लगता है। गर्मी के दिनों में इस पर छोटे पीले फूल लगते हैं जो नर पौधे में गुच्छे रूप में होते हैं और मादा में अकेले मौजूद होते हैं। गिलोय की पत्तियां प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस से भरपूर होती हैं जिस कारण यह बहुत फायदेमंद है।

 

गिलोय के फायदे - Giloy Ke Fayde

 

अनेकों शारीरिक तकलीफों में गिलोय के फायदे देखे जा सकते हैं। आइए giloy ke fayde in hindi विस्तार से जानें-

 

  • डायबिटीज करे कंट्रोल - डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप गिलोय के फायदे देख सकते हैं। इसके लिए गिलोय में मौजूद एंटी हाइपोग्लाइसेमिक यानी ब्लड शुगर को कम करने वाले प्रभाव को असरदार माना जाता है। यह शरीर में इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ाकर ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकता है। इसलिए giloy juice ke fayde डायबिटीज में कारगर हैं।

  • डेंगू से करे बचाव - औषधीय गुणों की खान गिलोय में कई ऐसे रसायन होते हैं जिनके कारण यह इम्यूनोमोड्यूलेटरी प्रभाव दिखाता है। यह प्रभाव हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें कई बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है। मलेरिया और डेंगू जैसे वायरल इंफेक्शन कुछ ऐसी ही बीमारियां हैं। इस कारण डेंगू जैसी बीमारी में गिलोय के सेवन से हम राहत पा सकते हैं।

  • गठिया की समस्या से दिलाए राहत - गठिया की परेशानी में भी आप गिलोय के फायदे देख सकते हैं। गिलोय के गुण में एंटी-इन्फ्लेमेटरी यानी सूजन को कम करने वाला असर होता है, साथ ही इसमें एंटी-अर्थराइटिस और एंटी-ओस्टियोपोरोटिक यानी जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत दिलाने वाले प्रभाव भी होते हैं। यह तीनों प्रभाव मिलकर गठिया की समस्या से आपको राहत दिलाते हैं।

  • आंखों की करे देखभाल - आंखों की अनेक समस्याओं में गिलोय का सेवन फायदा पहुंचाता है। इसमें पाए जाने वाला इम्यूनोमोड्यूलेटरी गुण आंखों के लिए बहुत लाभकारी होता है। कई रिसर्च में पाया गया है कि आंखों से जुड़ी समस्याओं में गिलोय के गुण फायदेमंद साबित होते हैं।

  • बवासीर से दिलाए राहत - गिलोय के औषधीय गुण खूनी बवासीर के इलाज में काफी सहायक होते हैं। एक रिसर्च में पाया गया है कि बवासीर से निजात पाने के लिए इसके पौधे के तने को दूध या पानी के साथ मिलाकर सेवन करने से राहत मिल सकती है। गिलोय के सेवन से बवासीर में होने वाले रक्तस्राव व कब्ज से भी छुटकारा पाया जा सकता है। इस आधार पर  बवासीर में गिलोय के फायदे देखे जा सकते हैं।

  • अस्थमा की समस्या में फायदेमंद - अस्थमा की समस्या में भी गिलोय के अनेक लाभ हैं। इसमें शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के गुण के साथ-साथ सांस से जुड़ी समस्याओं जैसे अस्थमा के लक्षणों को कम करने की भी क्षमता होती है। गिलोय के तने के जूस को यदि शहद के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाए तो अस्थमा की समस्या में राहत मिलती है।

  • Giloy Benefits in Asthma

     

  • सूजन की बीमारी से दिलाए छुटकारा - सूजन की समस्या में गिलोय का इस्तेमाल लाभकारी है। गिलोय में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण सूजन से राहत दिलाने में मदद करता है। एक रिसर्च में पाया गया है कि एडिमा से पीड़ित यानी सूजन संबंधी बीमारी से पीड़ित लोग गिलोय का सेवन करने से राहत पा सकते हैं।

  • पाचन शक्ति करे दुरुस्त - यदि आप अपनी पाचन शक्ति को दुरुस्त रखना चाहते हैं तो आप गिलोय का सेवन करें। गिलोय के औषधीय गुण हमारी पाचन संबंधी समस्याओं जैसे डायरिया, दस्त आदि से राहत दिलाने में कारगर हैं। पाचन तंत्र को मजबूत करने में गिलोय काफी उपयोगी है। पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए गिलोय जूस के फायदे देखे जा सकते हैं।

  • पुराने बुखार से दिलाए निजात - पुराना बुखार यानि क्रॉनिक फीवर में भी गिलोय के लाभ देखे जा सकते हैं। इससे बचने के लिए गिलोय के तने और पत्तियों को इस्तेमाल में लाएं। इनमें एंटीपायरेटिक यानी बुखार को ठीक करने वाला और एंटीमलेरियल यानी मलेरिया इन्फेक्शन को दूर करने वाला असर होता है। गिलोय का जूस पुरानी खांसी को ठीक करने में भी फायदेमंद है। गिलोय की पत्तियों का रस या काढ़ा बनाकर शहद के साथ लेने से पुराने बुखार से छुटकारा मिलता है।

  • एनीमिया में लाभकारी - खून की कमी से शरीर में एनीमिया जैसा रोग हो जाता है। आमतौर पर एनीमिया की परेशानी महिलाओं को ज्यादा होती है। एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के लिए गिलोय का रस काफी लाभकारी है। गिलोय के रस के सेवन से शरीर में खून की कमी दूर होती है और यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है। दो से तीन चम्मच गिलोय जूस को शहद या पानी के साथ दिन में दो बार लें।

  • पीलिया रोग में उपयोगी - पीलिया के रोग में गिलोय बहुत फायदेमंद है। गिलोय के ताजे पत्तों का रस पीलिया के मरीज को पिलाने से पीलिया जल्द से जल्द ठीक हो जाता है। इसके अलावा गिलोय के सेवन से पीलिया में होने वाले बुखार और दर्द में भी आराम मिलता है।

  • त्वचा को दमकाए - यदि आप त्वचा संबंधी रोगों और एलर्जी से पीड़ित हैं तो आप गिलोय का इस्तेमाल करें। चेहरे पर निकलने वाले कील मुंहासे, चकत्ते आदि जैसी परेशानी में आराम पाने के लिए आप गिलोय के तने का पेस्ट बनाकर इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। यह आपकी इन समस्याओं से आपको छुटकारा दिलाएगा और आपकी त्वचा में चमकदार बनाएगा।


  • गिलोय सेवन विधि - Giloy Ke Sevan Vidhi

     

    आइए गिलोय के सेवन के तरीके के बारे में जानते हैं-

     

    1. गिलोय के जूस के फायदे और नुकसान दोनों हैं इसलिए इसके सेवन का सही तरीका पता होना जरूरी है। आप गिलोय के तने और पत्तियों को पीसकर इसका जूस बना सकते हैं। गिलोय जूस कब पीना चाहिए? तो जान लीजिए कि इसके जूस की करीब 20 से 30 एमएम खुराक दिन में दो बार लेने की ही सलाह दी जाती है।

     

    Giloy Juice benefits


    2. काढ़े के रूप में भी आप गिलोय का सेवन कर सकते हैं। 20 एमएल तक दिन में दो बार काढ़े का सेवन किया जा सकता है। इसकी जड़ और तने को आप पानी में उबालकर काढ़ा तैयार कर सकते हैं।


    3. मटर के बीज की तरह दिखने वाले इसके 2 से 4 फलों को भी आप रोजाना खा सकते हैं।


    4. गिलोय के पत्ते को कैसे खाएं? तो आपको बता दें कि गिलोय की पतियों को आप पीसकर इसका जूस बनाकर सेवन कर सकते हैं। साथ ही आप इसकी पत्तियों और तने को पीसकर पेस्ट बनाकर अपने चेहरे पर भी लगा सकते हैं।

      गिलोय के सेवन का तरीका तो आप जान गए हैं लेकिन गिलोय कब खाना चाहिए यह जानना भी बेहद जरूरी है। गिलोय का सेवन आप सुबह खाली पेट कर सकते हैं। गिलोय का सेवन व्यस्कों को और 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को ही करना चाहिए।

       

      गिलोय के नुकसान - Giloy Ke Nuksan

       

      जैसा कि हम सभी जानते हैं हर चीज़ के अपने फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। किसी भी चीज़ का अधिक मात्रा में सेवन उसके फायदे को नुकसान में बदल देती हैं। उसी प्रकार गिलोय का अधिक सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कि गिलोय किसे नहीं खाना चाहिए  और इसके नुकसान क्या हैं-

       

      1. गिलोय ब्लड प्रेशर को कम करता है इसलिए डायबिटीज की दवाइयां खाने वाले लोगों को इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए नहीं तो ब्लड शुगर काफी कम हो जाता है।


      2. यह पाचन शक्ति के लिए फायदेमंद माना गया है लेकिन इसकी गर्म तासीर की वजह से इसका अधिक सेवन पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, जलन आदि का कारण बन सकता है।


      3. जो महिलाएं गर्भवती हैं उन्हें गिलोय का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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        श्वास संबंधित समस्याओं, तनाव और चिंता, लीवर से जुड़ी परेशानियों आदि से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप Namhya का गिलोय पाउडर इस्तेमाल कर सकते हैं। गिलोय अपने प्राकृतिक गुणों के कारण हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने का काम करती है। यह शरीर में पनपने वाले बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में भी काफी मददगार है।

        गिलोय कई पोषक तत्वों और विटामिन्स का पावरहाऊस है। यह एंटीऑक्सीडेंट का एक बेहतरीन स्रोत भी है। आयुर्वेद की दुनिया की एक लोकप्रिय जड़ी-बूटी है गिलोय। अगर आप भी गिलोय के फायदों का लाभ उठाना चाहते हैं तो इस प्रोडक्ट को Namhya की वेबसाइट से ऑनलाइन घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं।

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        Author

        Ridhima Arora

        Ridhima Arora is an Indian entrepreneur, author, trained yoga instructor, and practicing nutritionist. She is the founder of Namhya Foods.Besides being the founder of Namhya foods, Ridhima also gives nutrition coaching in seminars to kids, NGOs, and corporates. She also works as a freelancer at Global Changemakers.